फैसलेस असेस्मेंट - Faceless Assessment Procedure and hierarchy

फैसलेस असेस्मेंट स्कीम क्या होता है? 


तो सबसे पहले मैं बता दो इन्होंने क्या किया? दिल्ली में एक सबसे बड़ा सेंटर बनाया, जिसको बोला जाता है नैशनल फैसलेस असेस्मेंट सेंटर। नैशनल फैसलेस को पहले बोला जाता था नेक (NeAC), नैशनल इ असेस्मेंट सेंटर। तो मैं उसको बोलता हूँ NeAC, अभी मैं उसको बोल दूंगा NeAC i.e. नैशनल इ असेस्मेंट सेंटर। तो देखो। ये दिल्ली में एक सबसे बड़ा सेंटर बना दिया, जिसका नाम है NeAC i.e. नैशनल इ असेस्मेंट सेंटर, और नैशनल फैसलेस असेस्मेंट सेंटर।

अब एक बात समझना, नेक (NeAC) के अंदर बहुत सारे बहुत सारे रैक (ReAC) है। ReAC का मतलब होता है रीजनल फैसलेस असेस्मेंट सेंटर। पहले उसको बोला जाता था रीजनल ई असेस्मेंट सेंटर (ReAC). तो मैं उसको बोल दूंगा रैक (ReAC) बहुत सारी जगह पे है, मुंबई मेँ है, कोलकाता में है, अहमदाबाद में है।





CBDT जीतने चाहिए उतने ReAC बना सकते हैं।अब एक चीज़ समझन, अंडर एवरी ReAC चार यूनिट रहेंगी।

1.  यूनिट इस असेसमेंट यूनिट।

2.  यूनिट इस वेरिफिकेशन यूनिट।

3.  यूनिट इस टेक्निकल यूनिट।

4.  यूनिट इस रिव्यु यूनिट।


नेशनल इ असेस्मेंट सेंटर है (NeAC) या नैशनल फैसलेस असेस्मेंट सेंटर इसका फंक्शन क्या होता है एक नैशनलआइस बॉडी, जो पूरा फैसलेस असेस्मेंट मैनेज करेगी। उसके अंदर जो होते है वो तुम्हारे ReAC होते हैं। अब एक बात समझना। जो तुम्हारे ये NeAC होता है ना उसका इंचार्ज कौन कौन रहता पीसी सीआइटी (PCCIT) सबसे बड़ा ऑफिसर या फिर पी जी डी आई टी (PGDIT) ये है वो इसका इंचार्ज रहता है उसके अंदर है। ReAC के इंचार्ज कौन रहेंगे या तो सीसीआईटी (CCIT) या तुम्हारा डी जी आइटी (DGIT).


ReAC के अंडर चार यूनिट होती है। सबसे पहले यूनिट है असेस्मेंट यूनिट। 

  1. असेस्मेंट यूनिट का काम क्या होता है? तो असेसमेंट यूनिट का मेंन काम होता है, असेसमेंट करना जो पर्टिकुलर पॉइंट्स है उसको आइडेंटिफाइ करना, उसके ऊपर उनको मटिरीअल के अंदर करवाना उसके साथ साथ मैं ऐनलाइज करना मटेरियल का और उसके बाद मैं ड्राफ्ट ऑर्डर पास करना यह असेस्मेंट यूनिट यूनिट का काम होता है।

  2. वेरिफिकेशन यूनिट का काम क्या रहता है? तो वेरिफिकेशन यूनिट का काम होता है काम क्या रहता है तो वेरिफिकेशन यूनिट का काम होता है इन्क्वाइरी करना, क्रॉस वेरिफिकेशन करना, बुक्स रिकॉर्ड को एग्जामिन करना, विट्नेस को एग्जामिन करना। वो वेरिफिकेशन यूनिट का काम है। 

  3. टेक्निकल यूनिट का काम क्या होता है? अकाउन्ट, ट्रांसफर प्राइसिंग, वैल्यूएशन पे टेक्निकल हेल्प करना, या इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी पे टेक्निकल हेल्प करना, वो टेक्निकल यूनिट का काम है।

  4. रिव्यु यूनिट का काम क्या होता है? जो ड्राफ्ट ऑर्डर पास होता है उसको रिव्यु करना। 


तो ये है चार यूनिट के फंक्शन। 


फेसलेस एसेसमेंट काम कैसे करता हैं?

यह जो NeAC सीधे असेस्मेंट का नोटिस भेजेगा अंडर सेक्शन 143(2)।

सेक्शन 143(2) का नोटिस मतलब आपको स्क्रूटनी का नोटिस है। वो स्क्रूटनी का नोटिस कौन भेजेगा? नैक (NeAC) i.e. नैशनल फैसलेस असेस्मेंट सेंटर भेजेगा, या फिर असेसमेंट ऑफिसर (AO) ने आपको आपके रिटर्न फाइल किया था अंडर सेक्शन 139(1), या 142(1) के रिस्पोंस में रिटर्न फाइल किया था,  या 148 (इन्कम एस्केपिंग एसेसमेंट) के रिस्पोंस में रिटर्न फाइल किया था, और एसेसिंग ऑफिसर (AO) आपको ऑलरेडी स्क्रूटिनी का नोटिश सर्व कर चुका है, आपको 142(1) का नोटिस भेजा था, रिटर्न फाइल करने के लिए आपने उसका रिप्लाय नहीं किया, करके ठीक है या फिर आपको 148 का नोटिस भेजा था और उसका आपने रिप्लाय नहीं किया? फिर डिपार्टमेंट ने 142(1) का नोटिस भेज दिया, आपको रिटर्न फाइल करने के लिए। तीन केसस मैं NeAC आपको बोल सकता है की आपका फेसलेस असेसमेंट है, वो फेसलेस मैनर में होगा।


फेसलेस असेसमेंट दो केसस मैं हो सकता है- 

NeAC ने आपको सीधे सीधा स्क्रूटनी नोटिस भेज दिया अंडर सेक्शन 143(2) का, या फिर एसेसिंग ऑफिसर को आपने जो रिटर्न फाइल किया था अंडर सेक्शन 139(1), 142(1), 148 के रिस्पोंस में, और असेसिंग ऑफिसर (AO) ने अगर आपको ऑलरेडी सेक्शन 143(2) के अंडर आपको नोटिस सर्व कर दिया, या फिर 142(1) का नोटिस आया था आपके पास आपने उसका रिप्लाय नहीं किया, या 148 का नोटिस आया था आपने उसका रिप्लाय नहीं किया, तो उन्होंने (AO) 142(1) का नोटिस सर्व कर दिया। तो? इस केस में NeAC आपको बोलेंगे AO आपका असेसमेंट नहीं करेगा। अब NeAC आपका असेसमेंट करेगा अन्डर फैसले एसेसमेंट मैनर।


NeAC ने आपको अगर नोटिस भेजा था 143(2) का, तो आपको रीज़न भी देंगे। क्यों आपका केस स्क्रूटनी के लिए सलेक्ट हुआ है। 15 डेज़ के अंदर अंदर आपको कोई रिस्पॉन्स देना है, तो आप रिस्पॉन्स दे सकते हो। अब एक चीज़ समझता बड़ा सिंपल है, 

ये NeAC क्या करेगा? जैसे ही NEC ने नोटिस भेज दिया या NeAC मैं आपको इंटिमेट किया वो तीन केसेस में क्या आपका असेसमेंट फेसलेस मैनर में होगा? तो NeAC क्या करेगा? आपका केस है वो किसी भी REC के अंडर जो असेसमेंट यूनिट (AU) रहेंगी ना वो असेसमेंट यूनिट को आपका केस है वो आलोकेट कर देंगे ऑटोमेटेड बेसिस पर। यह तुम्हारा ऑटोमेटेड आलोकेटेड सिस्टम से क्या होगा की वो केस आपका है वो असेसमेंट यूनिट के पास चला जाएगा और ये कंप्यूटराइज़्ड बेसिस में जाएगा इसमें NeAC का भी इन्वॉल्वमेंट नहीं रहेगा कि कौन असेसमेंट यूनिट को जा रहा है कौनसी ReAC कि असेसमेंट यूनिट को जा रहा है पता नहीं चलेगा। अब ऐसा हो सकता है कि असेसमेंट यूनिट मुंबई में लोकेटेड है और असीसी दिल्ली का है,  ये असीसी कानपुर का है और जो असेसमेंट यूनिट है जो REC है वो कोलकाता वाला है दैट इज़ पॉसिबल। 



आपका केस है वो इस असेसमेंट यूनिट के पास में आ गया तो ये असेसमेंट यूनिट अब क्या करेगी, आपकी केस को ऐनालाइज करेगी, वो मटेरियल देखेगी, सब चीज़ें देखेंगे। अब इस असेसमेंट यूनिट को चाहिए, कि असीसी से कुछ इन्फोर्मेशन निकालनी है, असीसी से कुछ डॉक्यूमेंटेशन निकालने हैं, या किसी पर्सन से पूछे इन्फॉर्मेशन डॉक्यूमेंटेशन वगेरह मंगवाना है। या इस असेसमेंट यूनिट को क्या करना है? बताइए ये जो असेसमेंट यूनिट है इस असेसमेंट यूनिट को किसी पर्टिकुलर पॉइंट पे वेरिफिकेशन करवाना है, वेरिफिकेशन यूनिट से, यह मान लो टेक्निकल हेल्प चाहिए किसी टेक्निकल यूनिट से, तो क्या ये असेसमेंट यूनिट सीधा असीसी से कॉन्टेक्ट कर सकता है? सीधा असीसी को जाके बोल सकते है बाबा तेरा फ्रेंड मेरे पास है तो मुझे इन्फॉर्मेशन दे ना बाबा ना? क्या ये सीधा वेरिफिकेशन यूनिट के पास जा सकता है? सीधा टेक्निकल यूनिट के पास जा सकता है? ना बाबा ना।


तो अगर मान लो ये तुम्हारा जो असेसमेंट यूनिट है, इस असेसमेंट यूनिट को कुछ भी असीसी से इन्फोर्मेशन डॉक्यूमेंट किसी और पर्सन से इन्फोर्मेशन डॉक्यूमेंटेशन चाहिए या फिर वेरिफिकेशन यूनिट से कुछ वेरिफिकेशन करवाना है, या टेक्निकल यूनिट से टेक्निकल हेल्प चाहिए तो ये रिक्वेस्ट करे NeAC को, ये रिक्वेस्ट करेगा NeAC नैशनल फैसलेस असेसमेंट सेंटर से रिक्वेस्ट करेगा और ये NeAC क्या करेगा पता है असीसी को नोटिस भेजेगा जस्सी को नोटिस भेजेगा। ये NeAC किसी अदर पर्सन को नोटिस भेजेगा, या जो है वो इंटिमेट करेगा। किसको वेरिफिकेशन यूनिट कौनसी वेरिफिकेशन यूनिट कोई भी वेरिफिकेशन यूनिट हो सकती है। किसी भी वेरिफिकेशन यूनिट से वो वेरिफिकेशन के लिए NeAC बोल सकता है। 


यहाँ पे ऐसा हो सकता है क्या? असेस्मेंट यूनिट कोलकाता की है, बट वेरिफिकेशन यूनिट है, वो मुंबई है या टेक्निकल हेल्प चाहिए तो टेक्निकल यूनिट हो सकती है की वो टेक्निकल यूनिट आपके है, वो किसी दिल्ली की है। दैट इज़ पॉसिबल। तो यहाँ पे देखो समझने की कोशीश करना असेस्मेंट यूनिट ने क्या किया? असेस्मेंट यूनिट ने बोला NeAC को बोला सर हमको इन्फॉर्मेशन डॉक्यूमेंट चाहिए, असीसी से या किसी अदर पर्सन से कुछ चाहिए या वेरिफिकेशन यूनिट से आपको वेरिफिकेशन करवाना है, टेक्निकल यूनिट से हमको टेक्निकल हेल्प चाहिए, तो उसमें असेस्मेंट यूनिट किसको बोले गा? असेसमेंट यूनिट का असीसी के पास या वेरिफिकेशन यूनिट या टेक्निकल इनके पास नहीं जा सकता। वो बोले NeAC को, और NeAC क्या करेगा? असीसी को नोटिस भेजेगा, टाइम देगा इतने दिन के अंदर अंदर हमको इन्फॉर्मेशन चाहिए। डॉक्यूमेंट चाहिए? हम को चाहिए वो वेरिफिकेशन यूनिट को ऑटोमेटेड अलोकेटेड सिस्टम से किसी भी REC के अंदर वेरिफिकेशन, उनको आपका केस अलॉट हो जाएगा। टेक्निकल यूनिट को अलॉट हो जाएगा। 


NeAC के पास असीसी से, किसी अदर पर्सन से ये वेरिफिकेशन यूनिट से या टेक्निकल यूनिट से जो भी रिपोर्ट आएगी वो सब किसको हैंडओवर करेगा, असेसमेंट यूनिट को भेजेगा, असेसमेंट यूनिट को किस को भेजेगा? अब असेसमेंट यूनिट क्या करेगा? सब चीजों को ऐनालाइज करने के बाद में, अपना ऑर्डर पास करेगा और उसको ऑर्डर को बोला जाएगा ड्राफ्ट ऑर्डर, यहाँ पे असेसमेंट यूनिट ने ड्राफ्ट ऑर्डर पास किया। अब ड्राफ्ट ऑर्डर कौन सी सेक्शन में पास होगा  143(3) में होगा लेकिन एक बात बताओ अगर मानलो असीसी ने को-ऑपरेट किया था जब NeAC नोटिस भेजा था, उसका रिप्लाय नहीं किया या आस्तिकों 142(1) नोटिस भेजा था, उसने को-ऑपरेट नहीं किया। असीसी को स्पेशल ऑडिट के लिए डायरेक्शन दिया था। उसका कंपलाइ नहीं किया, तो उस केस में जो NeAC है वो असेसमेंट यूनिट को बोलेगा बैड जजमेंट, असेसमेंट करिए। 


थर्ड असेसमेंट यूनिट है वो किस को भेजेगी यहाँ पे NeAC को भेजेगी और NeAC जो है उसको ऑर्डर को फाइनल करेगा। वेरिएशन ऑफ इनकम की वजह से ऑर्डर होता है NeAC का। NeAC देखेगा कि असीसी कहीं एलिजिबल सी तो नहीं है। वो तुम्हारा 144(C) i.e डिस्प्यूट रेसोलुशन पैनल, फौरन कंपनी, या किसी नॉन रेसिडेंट, या फिर किसी और असीसी का केस है वो TPO (ट्रानस्फर प्राइसिंग ऑफिसर) को ट्रांसफर हुआ था। उसके रिपोर्ट की वजह से आपकी इनकम कम ज्यादा हुई, अगर वो एलिजिबल असीसी है तो उसको NeAC कभी भी फाइनल ऑर्डर नहीं भेजेगी, उसको ड्राफ्ट ऑर्डर भेजेगी। और नैक ने जैसे ड्राफ्ट ऑर्डर भेजा, NeAC क्या करेगी? 30 डेज़ का वेइट् करेगी। 30 डेज़ के अन्दर मानलो उसका एक्सेप्ट आ जाता है, कुछ भी नहीं होता, तो जीस मंथ में उसने एक्सेप्टेंस दिया, कुछ नहीं दिया उस मंथ के एंड से NeAC फाइनल ऑर्डर असीसी को भेज देगी। लेकिन मान लो यहाँ पे असीसी ने ओब्जेक्शन किया किसको? डीआरपी (DRP) को डीआरपी (DRP) के जो डायरेक्शन आयेंगे, वो डायरेक्शन को फॉलो करते हुए NeAC क्या करेगी? किसी और स्टेट यूनिट को डायरेक्शन देखें और उसके अकॉर्डिंग फाइनल ऑर्डर है वो पास हो जाएगा और वो फाइनल ऑर्डर है फिर वो असीसी को भेजा जाएगा।  जब डायरेक्शन मिल गए उस मंथ के एंड से वन मन्थ के अन्दर अन्दर 


ऊपर बताई गई सारी प्रोसेसेस है फैसले असेसमेंट की। आशा करता हूँ आप सबको यह प्रक्रिया समझ में आ गई होगी। यहाँ पे जो भी कम्यूनिकेशन होगा वो कम्यूनिकेशन जो है सब इलेक्ट्रॉनिक मोड में होगा। कोई भी पोस्टकार्ड नहीं, कोई भी जाके नहीं बोल सकता। इलेक्ट्रॉनिक मोड में होगा। पर्सनल हियरिंग यहाँ पे अलाउड नहीं हे। 


कोई भी शंका है या प्रश्न हो तो आप हमें कमेंट में पूछ सकते हैं।


धन्यवाद। 



Comments

  1. Very nice and informative blog.keep posting.thank u

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  2. Thank you for inspiring 🙏 will keep posting

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